Dhanak Samaj History

आज हम जानेंगे Dhanak Samaj History के बारे में. जिनको Dhanuk भी कहा जाता है. आज हम इस पोस्ट में बात करेंगे धानुक समाज के गौत्र, जाती, और धानुक समाज की वंशावली के बारे में. इसके अलावा कुछ बातों को स्पष्ट करेंगे की धानुक या धानक समाज के इतिहास के बारे में. कैसे इनकी उत्पत्ती हुई. और धानक समाज का देवता या गुरु कौन है. तो चलिए जान लेते हैं.


धानक एक जातीय समूह है जो मुख्यतः भारत, नेपाल और बंगलादेश में पायी जाते है. भारत में ये लगभग पूरे उत्तरी हिस्से में पाए जाते हैं. धानक समाज की उत्पती के विषय में बहुत से मतभेद है. क्योंकी भारत के सभी हिस्सों में इन्हें अलग लग नाम से बुलाया जाता है. बिहार में इनको जसवार/जसवाल के नाम से जाना जाता है तो हरियाणा में ये कबीरपंथी या जुलाहा के नाम से जाने जाते है. इसके आलावा बिहार में ये महतो, मंडल, पटेल इत्यादी के नाम से जाने जाते है.

Dhanak Muni
माना जाता है की धानक या धनुक' संस्कृत शब्द 'धनुषकः' से लिया गया है जिसका अर्थ है धनुषधारी. ये वो सिपाही होते थे जो युद्दों में भाग लेते थे. और सबसे आगे की पंक्तीं में खड़े होने का गौरव प्राप्त करते थे. सबसे पहले दुश्मन पर वार करने का अधिकार धानुक को ही दिया जाता था. क्योंकी इनकी धनुरधारी अन्य सभी जातियों से श्रेष्ठ मानी जाती थी.
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धानुक जाती का इतिहास

अगर Dhanak Samaj History की बात करें और कुछ लोक धाराओं की माने तो महाभारत में एकलव्य नाम का पात्र धानुक जाते से ही सम्बन्ध रखता था. वह चाहता तो पूरे युद्ध की दिशा को पलट सकता था. यही कारण था की गुरु द्रोणाचार्य ने एकलव्य का अंगूठा गुरु दक्षिणा में मांग लिया. ताकी एकलव्य महाभारत के युद्ध में निर्णायक भूमिका ना निभा पाए. धनक समाज शुरू से ही नज़रन्दाज किया जाता रहा है. हालांकी इनकी पूरे भारत में अच्छी खासी आबादी है.

धानुक दर्पण - राजा धनक की कहानी

धानक समाज पर एक दो पुस्तके वर्तमान मे लिखी हुई है. जिनसे Dhanak Samaj History के बारे कुछ समझा जा सकता है. एक तो डॉ.शामलाल पंजाब ने लिखी है. जिसका नाम है धानक दर्पण. जिसमें लेखक ने धानक समाज के प्रमाण ग्रन्थों से लेकर दिए हैं. हालांकी ये कहाँ तक सही हैं और कहाँ तक गलत इसका कोई सटीक विवरण नहीं है.

dhanuk caste logo
Dhanak Samaj Logo
पुस्तक में बताया गया है की धानुक या धानक समाज प्राचीन काल में धनुर्धारी होते थे. धानक समाज की उत्पत्ती राजा धनक से हुई. राजा धानक के चार पुत्रों का भी उल्लेख इस पुस्तक में मिलता है. धानुक दर्पण में ये भी बताया गया है की राजा धनक ने तपस्या कर शिव भगवान् से धनुष प्राप्त किया और अपने चारों लड़कों (1)कृतवीर्य (2)कृतग्नि (3)कृतवर्मा (4) कृतौजा को दे दिया.
उनके पुत्रों ने अपने पिता धनक के नाम से अपना वंश चलाया किन्तु वे इसका विस्तार ना कर पाए. और इनका पतन हो गया. यही कारण है की धानक समाज का किसी भी ग्रन्थों में ज्यादा उल्लेख नहीं मिलता.
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धानक समाज के गुरु या देवता शतधनु- धनकमुनी

बताया जाता है की राजा जनक के पूर्वजों ने जो शिव धुनुष राजा जनक को दिया था, वह भगवान शिव ने शतधनु मुनी जिन्हें धनक मुनी या राजा धनक भी कहा जाता है, को दिया था. जिसे बाद में सीता स्वयम्वर में श्री राम द्वारा तोडा गया था.

dhanak samaj guru
Dhanak Guru
मतलब वैदिक काल में सबसे पहले धनक मुनी का उल्लेख मिलता है. इसलिए इनको ही धानक समाज का गुरु माना जाना चाहिए. वो भगवान शिव के उपासक थे इसलिए भगवान् शिव ही धानक समाज के देवता हैं. - धनक मुनी का उल्लेख विसेंट स्मिथ की पुस्तक विष्णु पुराण में मिलता है.
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धानक समाज गोत्र लिस्ट- Dhanak Caste List

आइये अब आपको बताते हैं धानुक समाज के सभी गौत्र.

1.Atkan-Pungalgarh
2.Indora - Amarkot
3.Nugariya - Sunderpur
4.Ninaniya - Ninsar
5. Mawar - Sekhawati
6. Pacherwal - Hastinapur
7. Bagri - Mahoba
8. Bawalia - Bawalgarh
9. Bumra - Thargarh
10. Kirad - Amergarh
11. Khatak - Gokul
12. Ladwal - Bhawargarh
13. Kayat - Karnapur
14. Suraliya - Udaipur
15. Bamaniya - Vijaygarh
16. Tonk - Tonkpur
17. Kharera -Kharoragarh
18. Dehdan - Udaipur
19. Mundariya - Gagnapur
20. Jaat - ......
21. Solia - Ranatbhavar
22. Guraiya - Jahaar
23. Dabla - Dharanagar
24. Kataria - Ayodhya
25. Bhand - Bhatnar
26. Badgujar - ......
27. Khundiya - Indroka
28. Khanagwal - Samber
29. Bhasod - Bhojgarh
30. Farand - Udaipur
31. Dagal - Ritalpur
32. Boked - Kanpur
33. Hotla - Devtiranki
34. Morwal - Kernaaj
35. Turkiya - Chittor
36. Khas - ...........
37. Turr - Hastinapur
38. Jaroliya - Jeetgarh
39. Dhalod - Indorgarh
40. Bhopad - Barelgarh
41. Chaura - Chadaipur
42. Sivan - Sekhpur
43. Bacheriwal - Sojat
44. Rangbhara - Jeetgarh
45. Bhurtiya - Udaipur
46. Goondla - Sitapura
47. Jaandh - Jatisar
48. Saroha - ........
49.Barwal - Bhadhalpur
50. Kharod - Padhwada
51. Kharkata - Farazpur
52. Seelan - Sekargarh
तो ये थी Dhanak Samaj History और कुछ जानकारी. जैसे ही और भी धानुक समाज के बारे में जानकारी प्राप्त होती है तो हम आपको उसकी भी जानकारी आपको इस Website के माध्यम से देते रहेंगे.
अगर आपके पास भी कोई और नयी जानकारी हो तो आप डायरेक्ट मुझे Whatsapp करके भी इसकी जानकारी दे सकते हैं. मैं आगे के पोस्ट में धानक समाज की वंशावली और उनके रीती रिवाजों के बारे में लिखने का प्रयास करूंगा. आप इसमें मेरी मदद कर सकते हैं. आपका स्वागत है.


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