Bajigar Goar Banjara Samaj History

आज हम आपको बताएंगे Bajigar Goar Banjara कही जाने वाली एक जाती के बारे में. Gor Banjara का इतिहास तो बहुत पुराना है, लेकिन लिखा नहीं गया. इसका कारण भी आपको आगे बताएंगे. आइये जान लेते हैं बाजीगर बंजारा या गोर जाती के बारे में. लेकिन ऊससे पहले हमें ये जानना होगा की बंजारा किसे कहते हैं. क्योंकी बहुत से लोग इसी बात में उलझे रहते हैं की उनकी जाती के साथ बंजारा क्यों लगाया जाता है.

What Is Banjara बंजारा किसे कहते हैं 

बंजारा  ऐसे लोगों का समूह है खानाबदोश की जिंदगी व्यतीत करते हैं. ये एक जगह टिक कर नहीं रहते ओर इधर से उधर भ्रमण करते रहते हैं. यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व के कई हिस्सों में फैले हुए हैं. अफगानिस्तान, तिब्बत, के अलावा ये पाकिस्तान में भी पाए जाते हैं.
बंजारों को कई श्रेणियों में रखा जा सकता है. वो श्रेणियां व्यवसाय के आधार पर बांटी जा सकती हैं. कुछ बंजारे पशुओं का व्यापार करते हैं. वहीं कुछ बंजारे बर्तन बनाकर बेचते हैं. जिन्हें बागड़ी भी कहा जाता है. कुछ बंजारे अपने समुदाय की सुरक्षा के लिए लड़ने की कला में माहिर होते थे, जिन्हें किसी राजा द्वारा अपनी सेना में चुन लिया जाता था. बाद में वो उसी राजा के गौत्र से जाने जाते थे. कुछ बंजारे नाचने गाने ओर तमाशे दिखाने का काम करते है. जिन्हें बाजीगर या गोर भी कहा जाता है.


यही वजह है की बंजारों को लेकर लोगों के अलग अलग मतभेद है.  इसी कारण लोग इन्हें तमाशा दिखाने वाले, नाचने वाले, योद्धा, व्यापारी इत्यादी इत्यादि समझते हैं. और इनको विभिन्न उपनामों से जाना जाता है जैसे कि बाजीगर, बंजारा, ग्वारिया, बादी, लमानी,लम्बाडी, लुबाना, सिरकीबंद, चारण, राठौड़.  आज हम इस आर्टिकल में बंजारों के उसी Bajigar Goar Banjara श्रेणी के बारे में चर्चा करेंगे.

Goar Banjara History बाजीगर बंजारा इतिहास 

गोर बंजारा, बंजारा समाज की एक उपजाती है. यह ज्यादातर उत्तरी भारत में पायी जाती है. बंटवारे से पहले बहुत से बाजीगर समाज के लोग पाकिस्तान में रहते थे. जो बाद में भारत आने पर मजबूर हुए. इनको अलग अलग जगहों पर अलग अलग नाम से बुलाया जाता है. जैसे कि बाजीगर, बंजारा, ग्वार, इत्यादी. अन्य बंजारों से अलग ये समुदाय के लोग व्यापार की बजाय गाने बजाने एवं तमाशा दिखने में अपनी रूची रखते हैं. औरतें घर घर जाकर गीत गाती हैं और नाचती हैं. पुरुष तमाशा दिखाकर अपना जीवन यापन करते हैं.  इनकी आवाज में बहुत मिठास होती है. 

हरियाणा और पंजाब में इन्हें अनुसूचित जाती का दर्जा प्राप्त है. ये लोग गाँव गाँव जाकर तमाशा दिखाते थे. और गाँव वाले बदले में इन्हें जरूरी चीजें और पैसा देते. प्रत्येक परिवार को तमाशा दिखाने के लिए 12 गाँव दिए जाते थे. लेकिन टीवी और सिनेमा आने के बाद इन्हें अपना व्यवसाय छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. पंजाब में बहुत से बाजीगरों ने सिख धर्म को अपना लिया है. एवं अपनी भाषा को छोकर पंजाबी भाषा को बोलने लगे हैं.
समय के साथ साथ Bajigar Goar Banjara समुदाय के लोग अपने इस पेशे को छोड़कर छोटा मोटा काम करने में रूची दिखाने लगे हैं. एवं स्थाई जीवन जीने लगे हैं. आइये जनते हैं की इस समुदाय के लोगों को ग्वार, Goar, बाजीगर या गोर क्यों कहा जाता है. 

Goar Banjara  ग्वार बाजीगर  शब्द की उत्पत्ती 

गोर अथवा ग्वार शब्द की उत्पत्ती गावारिया शब्द से हुई.  कुछ जगह इनको ग्वारिया  भी कहा जाता है. जिसका मतलब होता है गाने बजाने वाला.  और बाजीगर शब्द का मतलब होता है तमाशा दिखाने वाला. बंजारों में इनकी पहचान ग्वार बंजारा या बाजीगर बंजारा से भी  की जाती है.  कुछ प्रदेश की सरकारों ने इन्हें स्थाई बनाने का प्रयास भी किया है. ताकी ये एक जगह बसकर अपने समुदाय का विकास कर सकें. 

banjara samaj famous people

हरियाणा एवं पंजाब में बहुत सी जगह ये लोग स्थायी जीवन जीने लगे हैं. लेकिन फिर भी ये गाँव, या कस्बों से बाहर छोटी छोटी बस्तियां या डेरे बनाकर रहना पसंद करते हैं. 

Gor Banjara Language- गोआर समाज की भाषा 

बाजीगर बंजारा समाज के लोगों की मुख्य भाषा मारवाड़ी है. जो की गुजरात एवं राजस्थान में ज्यादा बोली जाती है. इससे यह स्पष्ट होता है की ये लोग ज्यादातर राजस्थान और गुजरात में बसते होंगे. लेकिन जगह के हिसाब से इनकी भाषा में भी विभिन्नता देखने को मिलती है.  हालांकी पाकिस्तान से आये कुछ Goar Bazigar पंजाबी भी बोल लेते हैं. 

Sant Sewalal Goar Banjara Guru/God

अगर बात करें बाजीगर बंजारा समाज के गुरु या देवता की तो  बंजारा समाज संत सेवालाल  को अपना देवता और लक्खी शाह बंजारा  को अपना गुरु मानते हैं. यह दोनों महान संत बंजारा समुदाय से सम्बन्ध रखते थे. लेकिन ग्वार बाजीगर श्रेणी में नहीं आते. लक्खी शाह  बंजारा लूना (लुबाना) बंजारा से सम्बन्ध रखते थे. एवं संत सेवालाल राठोड़ बंजारा थे.हालांकी लक्खी शाह बंजारा को लेकर सिख समुदाय और बंजारा समुदाय में अभी विवाद चल रहा है. 
Bajigar Goar Banjara guru god

Bazigar Banjara Samaj Caste- ग्वार बाजीगर समाज गौत्र 

Goar Bazigar समाज की प्रमुख उपजातियाँ इस प्रकार हैं - 
  • बड़तीया
  • बलजोत
  • धर्मसोत
  • नामसोत
  • मुछाल
  • वजरावत 
  • कनोत
  • लसिका
  • गुरदासका
  • जसुके

Conclusion

जैसा की आपको उपर भी बार बार बताया गया है की बंजारा एक जाती या धर्म नहीं बल्की सिर्फ एक सम्प्रदाय है. और इसी सम्प्रदाय में से भुत सी छोटी छोटी उपजातियां बनी हुई  हैं. ग्वार बंजारा बाजीगर भी उसी सम्प्रदाय का एक हिस्सा हैं. आपको गहराई से समझने के लिए हमारा बंजारा सम्प्रदाय के उपर लिखा हुआ आर्टिकल जरुर पढना चाहिए. जिसमें हमने बजारों में आने वाली सभी उपजातियों का वर्णन किया है.
दोस्तों अगर आपके पास भी कोई जानकारी हो जो हमारे इस आर्टिकल को और भी बेहतर बना सके तो कृपया हमें ईमेल करके जरुर बताएं. 
हमारा जो भी इतिहास हो, हमें उसे स्वीकार करने में किसी प्रकार की शर्म नहीं करनी चाहिए. बल्की हमें इस बात पर गर्व करना चाहिए की हम क्या थे और आज किस मुकाम पर पहुँच चुके हैं. अपने इस अविश्वसनीय बदलाव को हमें दुसरे लोगों से साझा करना चाहिए. 

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